भारत तुझे फिर नमन करना चाहता हूँ !

अपूर्ण सौभाग्य मेरा, जन्मा यहाँ पर खुशियों का सब तोहफा मिला हर कदम अपने मन से तेरे साये में जी रहा, ऐ महान देश मेरे , भारत तुझे फिर नमन करना चाहता हूँ ! सांसों में गर्व है हर पल तेरी ही वजह से लहू में स्वाभिमान भी बस तेरी वजह से आजाद हूँ मैं, उड़ रहा अपने पर... [पूरी पोस्ट]
writer निपुण पाण्डेय
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[15 Aug 2009 01:45 AM]

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