हे भारतमाता!

Bhavya's World हे भारतमाता। अजर, अमर, अटल देश हो, हे भाग्यविधाता खिले हर कोख में एक दूर दृष्टिदाता प्रेम, माधुर्य, भाईचारे बनी रहे ये अविरल गाथा हे भारत माता हे भारत माता। बनी पड़ी मिसाल है, अखंड कथा निहाल है। धरा पर बिखरा तेज है, ये संस्कृति की सेज है। नदी की धार... [पूरी पोस्ट]
writer Bhavya
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[17 Aug 2008 13:10 PM]

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