कुमाऊँनी लोकगीतः ओ भिणा कसके जाणूँ द्वरहटा

उत्तरांचल कुमाँऊ का ये एक बहुत प्रसिद्ध लोकगीत है, मुझे याद है बचपन में स्कूल में हमने इस पर डांस भी किया था। ये गीत जीजा साली के बीच हो रहे संवादों से बना है। रानीखेत से आगे एक जगह पड़ती है द्वाराहाट, जहाँ हर साल मेला लगता है (पहले लगता था इसलिये कह सकता हूँ... [पूरी पोस्ट]
writer Tarun
views
17
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[26 May 2009 22:16 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix