सच में बड़ा सुकून पहुचाती हो तुम ...
जब जब तन्हाइयों में तेरा साथ होता है , सच में बड़ा सुकून पहुचाती हो तुम ! कांपते हाथों को तेरा सहारा मिल जाता है , लग के होटों से सारी दूरियां मिटाती हो तुम , सच में बड़ा सुकून पहुचाती हो तुम !! वो कांच के टुकड़ों की चुभन , और प्यार से गर्दन को सहलाना...
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Anwar Qureshi
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[10 Dec 2008 17:43 PM]



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