प्यार में शुभकामनाएं
ज्वाला तुम आदर्श की, मेरे मन की कल्पना हो, आभा शीतल चाँदनी सी, रूप की तुम अल्पना हो। पलकों में बोझिल सपनों सी, कवि की अराधना हो, प्रेम पिपासे चातकों की, एक टक तुम साधना हो। सत्य की साक्षात देवी, पुजारिन हो तुम दया की, स्वाभिमान सम्मान की, प्रतिमूर्ति...
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Keshav Dayal
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[18 Nov 2008 22:54 PM]



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