लक्ष्य

Immortal Things in Mortal Lives पाता है वही अपने लक्ष्य को , इरादा हो जिसका पथरायी आँखों सा . गहरायी हो अंतर्मन में सागर सी , भावना हो आदर्श के प्रति समर्पण की . लक्ष्य को चले जैसे कोई सुध बुध भूले , पागल सा चलता ही जाता है बेखबर . या चलता है जैसे कोई निद्रा में , अधसोए अधखोले नयनो... [पूरी पोस्ट]
writer Keshav Dayal
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[01 Oct 2008 00:31 AM]

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