मधुमास
उड़ी मलयानिल ले भीनी -भीनी सुरभित सुगंध, उतरा आँगन में सूरज बन आभा की प्रतिमा का प्रतीक । सिहरन भरी थिरकन चली घुल गई जीवन में मिठास, झुकी डालियाँ फूलों से उन्माद मरू में छा गया । प्रेममय उल्लासमय मधुमास ऐसा आ गया … अल्हड़पन ले सुबह से,खिल उठी मुस्कुरा...
[पूरी पोस्ट]
Keshav Dayal
5
0
0
0
0
[03 Oct 2008 02:06 AM]



Shuffle








