जाने क्या सोंच कर गया था जाने क्या सोंच कर लौटा हूँ

आते हुए लोग इतने दिन नादारद रहा जैसे भूल गया हूँ इस दुनिया को मगर लौटा हूँ फ़िर से जाने क्या सोंच कर गया था जाने क्या सोंच कर लौटा हूँ फिलहाल इतने दिनों में क्या किया इसकी एक झलक आपके सामने प्रस्तुत है फ़िर से कोशिश करूंगा नियमित उपस्थिति बनी रहे... [पूरी पोस्ट]
writer venus kesari
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[18 Dec 2008 13:39 PM]

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