मित्र
रचने वाले ने रच डाली,दुनिया बङी विचित्र, रिश्ते नाते पल दो पल के जीवन भर के मित्र। कष्ट समेटे रहना मुश्किल,मन की बातें कहना मुश्किल, छिन में हो मन में हल्कापन,रहें मित्र जो गम में शामिल, रहे साफगोई बन जाते कलुषित वचन पवित्र। रिश्ते नाते पल दो पल के ज...
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RUPAK_REWA
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[29 Oct 2008 03:30 AM]



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