भक्‍ि‍तपथ

Mahendra's Blog भक्‍ि‍तपथ क्‍यों होता है इतना सख्‍त............... कठनाई भरा, कांटों भरा फि‍र कैसे कोई चलेगा अब हरी भक्‍त कहां मि‍लेगा कौन है जो भक्‍ि‍तपथ पर मि‍टना चाहेगा अब कोई नहीं रहा भक्‍त भक्‍ि‍तपथ क्‍यों होता है इतना सख्‍त............... इन पथरीले रास्‍तों पर... [पूरी पोस्ट]
writer Mahendra
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[22 Jun 2009 02:59 AM]

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