बच्चे
बच्चे, कितने प्यारे कितने अच्छे बड़े भोले बड़े सीधे चाहे किसी के हों मानुष के या जीवजन्तु के हैं जैसे दूध के धुले । उनकी वो मासूमियत उनकी वो आश्रियत हमसे आश लगाऐं उनकी मासूम निगाहें कौन न उनको अपनाए गोद में उठाऐं और खिलाऐं तो मन को भी सुकू...
[पूरी पोस्ट]
Mahendra
5
0
0
0
0
[22 Jun 2009 02:40 AM]



Shuffle








