मैं मन्‍हूष हूं

Mahendra's Blog मैं मन्‍हूष हूं कोई बदनुमा दाग हूं सारे संसार का लगे कर्जदार हूं सारे दुख - दर्द इस जग के देखो सजा देते मुझे मि‍ल के मैं भुगतूं । पत्‍थरों की चोट से भी गहरे-गहरे अहसास, सि‍र आ पड़े ये कहते कर्म (गुमनाम) हूं जैसे कि‍ मैं कोई बेकार वस्‍तु या बेजान हूं... [पूरी पोस्ट]
writer Mahendra
views
5
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[21 Jun 2009 11:01 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix