महान लोकतंत्र का शोक दिवस
बांग्लादेश की लेखिका तसलीमा नसरीन को सच के पक्ष में बालने की सजा सुना दी गइ। सुकरात से लेकर आज तक हर सच कहने वाले को समाज के यथा स्थितिवादियों ने इसी तरह से उत्पीडित किया है। आज भी विश्व के तमाम जगहों पर सच के पक्ष में खडे लोगों को सजा देने का काम ज...
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[01 Dec 2007 03:32 AM]



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