फिर भी तमाशा चल रहा है-हिंदी शायरी
चमकता हुआ झूठ सब तरफ चमक रहा है तेज रौशनी से लोगों की आँखें चकाचौंध में बंद हो जातीं पूरे समाज का कदम बहक रहा है सड़कों पर हो गयी है खामोशी तमाशों का काम अब बंद कमरों में हो रहा है मदारी अब रास्ते में आवाज देकर नहीं बुलाता लोगों की भीड़ बन्दर-बंदरिया...
[पूरी पोस्ट]
2
0
0
0
0
[09 Mar 2008 10:54 AM]



Shuffle







