माफ़ करना भाया-हिंदी शायरी

मस्तराम का का दर्शन  और साहित्य प्रेमी ने लिखा अपनी प्रेमिका को ''भूल जाना मुझको मेरे दिल में अब किसी और का चेहरा भाया अब तो तुम्हारी जगह उसका नाम मेरी जुबान पर आता नहीं चल सकता तुम्हारे साथ अधिक हालांकि मैंने अपने दिल को खूब समझाया'' नीचे उसने लिखा ''देखो अप्रैल फूल बनाया'' दूसरे... [पूरी पोस्ट]
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[02 Apr 2008 09:54 AM]

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