सरकारी बैंक, ड्राफ्ट और 22 मिनट
माथे पर चिंता की लकीरें आ गई जब पता चला की फीस केवल डिमाण्ड ड्राफ्ट से ही भरी जाएगी। डिमाण्ड ड्राफ्ट सुनते ही बैंक याद आया बैंक को याद किया तो सरकार याद आई, अब सरकार याद आई तो सरकार का काम भी याद आना ही था, और बस वो याद आते ही सब भूल गयाा तत्काल ऑ...
[पूरी पोस्ट]
पल्लव क. बुधकर
7
0
0
0
0
[14 Jul 2006 03:32 AM]



Shuffle








