हम सब इस देश की ट्रेन में सुरक्षित हैं
आज वक्त बदल रहा है . एक वो समय था जब हम इतने धूम धाम से दिवाली और ईद मानते थे कि मजा आ जाया करता था .' गफ्फूर भाई ने जैसे ही ये बात कही मेरा मन हुआ कि मैं ... उन्होंने मेरे दिल की बात कह डाली थी . अब ट्रेन का सफर हो और इस तरह की पंचायत न हो , तो लगता...
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Neeraj Singh
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[01 Nov 2008 23:52 PM]



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