फरीद के श्लोक - २२
चलि चलि गईआं पंखीआं,जिन्नी वसाए तल॥फरीदा सरु भरिआ भी चलसी,थकै कवल ईकल॥६६॥फरीदा इट सिराणे,भुई सवणु,कीड़ा लड़िओ मासि॥केतणिआ जुग वापरे,इकतु पईआ पासि॥६७॥फरीदा भंनी घड़ी सवंनवी,टुटी नागर लजु॥अजराईल फरेसता ,कै घरि नाठी अजु॥६८॥फरीदा भंनी घड़ी सवंनवि,टुटी नागर ल...
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परमजीत बाली
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[10 Feb 2009 06:45 AM]



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