भीग रहा है वह

या मेरा डर लौटेगा मंद मंद बह रही इस हवा का कोई अतीत तुम्हें याद है जिसके स्पर्श से छत पर अकेले बैठे एक आदमी ने गुनगुनाते हुए मीलों लंबा पत्र लिखा था दुनिया की सबसे पवित्र नदी में स्नान करने के बाद जिसने एक रंग मलना शुरू किया और रंग धुलने के लिए एक बारिश का इंतजार करता... [पूरी पोस्ट]
writer Pawan Nishant
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[24 Oct 2008 15:18 PM]

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