मंदी के भूत

या मेरा डर लौटेगा धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी गरीबी पैसा कमाने के सपने तो होंगे पर जरूरत नहीं होगी जरूरत पूरी करने की चुभन तो होगी पर एहसास मर जाएगा न्यूज प्रिंटर की तरह धड़ाधड़ बाहर आएंगी जरूरतें चिल्लाएंगी हंगामा करेंगी पर अधूरी जरूरतें पूरी होने वाली जरूरतों का घोंट दे... [पूरी पोस्ट]
writer Pawan Nishant
views
6
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[16 Nov 2008 14:34 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix