संजीवनी

रूप-अरूप संजीवनी तुम्‍हारे शब्‍द स्‍मृति‍ कंटक राहों की डोर तुम्‍हारा साथ सागर का ठहराव वि‍श्‍वास अटल चट्टान और हृदय पत्‍थरों से नि‍कलकर बहता हुआ एक नि‍र्मल झरना ये जीवन बस तुममें ही समाहि‍त होगा आदर्श रहोगे तुम 'जिंदगी' याद करेगी तुमको नीले स्‍वच्‍छ आकाश सा,... [पूरी पोस्ट]
writer रश्मि
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[06 Mar 2008 14:03 PM]

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