जुदाई का हौसला

रूप-अरूप लाऊंगी कहां मैं जुदाई का हौसला क्‍यों इस कदर मेरे करीब आ रहे हो तुम? मेरी हर धड़कन, हर सांस में शामि‍ल हो मगर मेरे हाथों की इन लकीरों में कहां हो तुम? तेरा बनना तो नामुमि‍कन है इस जिंदगी में क्‍यों मुझसे ऐसे वफा नि‍भा रहे हो तुम? उल्‍फत में तेरी हो ज... [पूरी पोस्ट]
writer रश्मि
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[03 Apr 2008 13:12 PM]

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