मित्र

Naya Samay ......... A Hindi Literature Blog मित्र थे जो चुनते थे शर्ट की आस्तीन से अदृश्य भुनगे कन्धे से साफ़ करते थे धूल ख्याल से भरकर छूते थे माथा ध्यान रखते थे मित्र झूठ बोलकर बचाते थे मित्र क्रूर शिक्षक और क्रुध्द पिता से मित्र थे जिन्होंने सिखाया प्रेम करना जो हमें चौराहों पर मिलते थे जिनस... [पूरी पोस्ट]
writer विशाल श्रीवास्तव
views
2
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[29 Jul 2007 11:11 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix