राम दोहाई पांड़े भईया

Naya Samay ......... A Hindi Literature Blog मुंह से खाली राम राम बा छूरी बाटै आंड़े भइया, राम दोहाई पांड़े भईया। मची अहै अंधेर करेरे, मनई मिलिहैं हेरे हेरे। कुलि बगुला भगतन कै ठठ्ठर, काव कही यक यक से कट्टर। फांसै के बीसन हथकंडा, खायं खुलासा मीट औ अण्डा। राम नाम कै धरे दुपट्टा, पियैं सराब औ खेल... [पूरी पोस्ट]
writer विशाल श्रीवास्तव
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[18 Oct 2007 11:17 AM]

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