मौत तो आनी है तो फिर मौत का क्यों डर रखूँ

दिल के दरमियाँ PRESENTS मौत तो आनी है तो फिर मौत का क्यों डर रखूँ जिंदगी आ, तेरे क़दमों पर मैं अपना सर रखूँ जिसमें माँ और बाप की सेवा का शुभ संकल्प हो चाहता हूँ मैं भी काँधे पर वही काँवर रखूँ हाँ, मुझे उड़ना है लेकिन इसका मतलब यह नहीं अपने सच्चे बाज़ुओं में इसके-उसके पर रखू... [पूरी पोस्ट]
writer डॉ० कुअँर बेचैन
views
3
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[16 Apr 2009 10:54 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix