जब तक रहेगा समोसे मे आलू -एक व्यंग्य कविता

मेरी आवाज़ जब तक रहेगा समोसे मे आलू रात को सोते हुए अजीब सा ख्याल कौंध आया और मैने ................ मिनी स्करट पहने हीर को रोते हुए पाया मैने पूछा ! यह अश्रुजल क्यों है तुम्हारी आँखों में? तुमतो एक हो लाखों में तुम्हे प्यार तो दुनिया भर का मिला है तुम को तो प्य... [पूरी पोस्ट]
writer सीमा सचदेव
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[23 Jan 2009 04:43 AM]

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