माँ मरुस्थल मे नदी है !
ये मर्माश्पर्शी रचना मेरी नही,मैंने तो इससे गबन किया है। मध्यप्रदेश के कवि श्री ॐ व्यास जीं को इसका पाठ करते देखने और सुनाने का सौभाग्य प्राप्त कर चूका हुईं।कविता प्रस्तुत करने कि शैली इतनी जबर्दस्त थी कि एक भी आदमी ऐसा नही था जिन्होंने अश्रु-सुमन अप...
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Sanjay Sharma
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[21 Jun 2007 00:51 AM]



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