गीत : तुम मुझसे
तुम मुझसे बस शब्द और सुर ले पाये- पर बोलो ! कैसे छीनोगे मुझसे मेरे गीत-? मुझको तो बस गीत सुनाना आता है, होंठो पर संगीत सजाना आता है गहरा रिश्ता है मेरा पीड़ाओं से- फिर भी मुझको हास लुटाना आता है तुम मुझको बस आह-कराहें दे पाये- पर बोलो ! कैसे छीनोगे मु...
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आनंदकृष्ण
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[18 Oct 2008 11:02 AM]



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