एक ग़ज़ल : "गीत गाते रहे.........."
आज कुछ पुराने कागजात खंगालते वक्त एक पुरानी रचना मिली जिस पर तारीख पड़ी थी- १५ जनवरी १९९२। इसे पढ़ते हुए कुछ पुरानी स्मृतियाँ भी उछल-कूद कर गईं। इसे केवल मेरी प्रारम्भिक रचनाओं के रूप में देखें. गीत गाते रहे गुनगुनाते रहे। रात भर महफिलों को सजाते रहे।...
[पूरी पोस्ट]
आनंदकृष्ण
9
0
0
0
0
[07 Jun 2009 15:36 PM]



Shuffle








