बाजार का दु:शासन, नैतिकता की निरीह द्रौपदी

ख्वाहिशें ऐसी तुम चुप रहो दु:शासन, मैं अपने पति से बात कर रही हूं- टीवी पर दिखाई जा रही नई महाभारत में यह संवाद सुनकर कोई भी आसानी से यह अनुमान लगा सकता है कि जिन लोगों ने नई महाभारत को दिखाने का जिम्मा लिया है, उनकी नजर में यह सास बहू जैसा ही ड्रामा है, जहां विवा... [पूरी पोस्ट]
writer ramkumar singh
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[14 Aug 2008 05:30 AM]

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