कंडक्टर भाई बस....
चलिए एक नई कहानी नई जोश के साथ सुन लीजिये। दरअसल दिल्ली में करीब ३साल से हूँ। अब इतने दिनों से यहाँ पर हूँ तो डीटीसी और ब्लू लाइन के बस में सफर करना ही पड़ता है। एक दिन इनके स्टाफ के बारे में सोचने लगा। इनके ड्राइवर-कंडक्टर भी अनोखे जीव होते हैं। उनकी...
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भवेश झा
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[23 Oct 2008 14:27 PM]



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