चिड़िया
चिड़िया तो आखिर चिड़िया है उसको बेचारी को कहां पता कि हम सभ्य हो रहे हैं और हमारा विकास पूरी प्रगति पर है । चिड़िया तो खोज रही है सूनी आंखों से अपना नन्हां सा घोसला और नन्हें बच्चों को जिन्हें वह अकेला छोड़ सुबह उड़ गई थी दानों की खोज में पर अब तो वहां कु...
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creativekona
सभ्यता
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[04 Jul 2009 22:28 PM]



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