दूसरा ईसा मसीह
कच्ची नींद से जागता हूँ काम पे भागता हूँ यहाँ वहाँ भटकता हूँ रोज सूली पर लटकता हूँ सोंचता हूँ जब हम नहीं रहेंगे लोग हमें कहीं दूसरा ईसा मसीह तो नहीं कहेंगे....
[पूरी पोस्ट]
13
0
0
0
0
[16 Aug 2007 21:17 PM]



Shuffle








