"तुम चाहो तो"
तुम चाहो तो" एक अधूरे गीत का मुखडा मात्र हूँ, तुम चाहो तो छेड़ दो कोई तार सुर का एक मधुर संगीत में मै ढल जाऊंगा ...... खामोश लब पे खुश्क मरुस्थल सा जमा हूँ तुम चाहो तो एक नाजुक स्पर्श का बस दान दे दो एक तरल धार बन मै फिसल जाऊंगा...... भटक रहा बेजान र...
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seema gupta
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[29 May 2009 02:27 AM]



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