किस बात की आजादी?

अपना पराया आज हम आजाद हैं! हर साल की तरह इस बार भी हमारे हाथ में तिरंगा होगा और मंच पर भाषण देते जनता के (सच्चे) प्रतिनिधि। टीवी-रेडियो पर देशभक्ति के गाने बजेंगे और फिर अचानक एक शून्य...। काल के पहिए यथावत ही चलते रहेंगे और तब तक स्वतंत्र भारत एक और बसंत पार क... [पूरी पोस्ट]
writer ram shankar
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[13 Aug 2009 13:22 PM]

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