गुमनामी के अँधेरे!
गोली, बारूद और धमाकों की राजनीति कराने वालो गुमनाम रहने वालो कहते हो की हम धर्म के लिए लड़ रहे हैं ladai। मत सताओ हमारे वर्ग को अपने वर्ग का पता तो बताओ वे कब तुम्हें अपना मानते हैं। क्यों अपनी कुंठाओं और वहशत को धर्म और वर्ग का नाम देते हो। खून के र...
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रेखा श्रीवास्तव
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[27 Nov 2008 03:33 AM]



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