लोकतंत्र के रक्षक हैं या ?

Bharat kaa Loktantra एक बहुरूपिया धूर्त बेईमान असभ्य ,क्रूर सभ्य नागरिक की भाषा में अपने दुर्गुणों का बखान सदगुणों में प्रवर्त कर त्यागियौं जैसा बोध जनता जनार्दन पर अभिमंत्रित कर रहा है , शासन करने हेतु अपने लक्ष्य को मीन की नैन बना तन से श्याम मन से कलुषित इच्छाओं में स... [पूरी पोस्ट]
writer K.P.Chauhan
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[16 Mar 2009 15:39 PM]

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