काश

तपन शर्मा सुबह ज्यों ही सूरज को खुले आकाश में उठते अपनी किरणों को चारों ओर फैलाते हुए देखता हूँ तो यकीन होता है कि हम भी सर उठा कर चलने लगे हैं, हम हैं विश्व का सबसे बड़ा बाज़ार, डंका बजता है हमारा पूरी दुनिया में, अंतरिक्ष में अब भेजते हैं हम दूसरे देशों के उप... [पूरी पोस्ट]
writer तपन शर्मा Tapan Sharma
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[10 May 2008 05:53 AM]

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