जहाँ बात बात पर कानून को जम कर जाता है तोड़ा
आगे की लाइन कहते हुए शर्म आती है पर सच कड़ुआ होता है। गुज़रे जमाने की सिकंदर-ए-आजम फिल्म से रफी साहब का गाया हुआ एक गीत है जिसकी तर्ज पर इस लेख का शीर्षक चुना गया है। वो भारत देश है मेरा। इस देश में असत्य है, हिंसा है और अधर्म भी है। शायद इसीलिये आज क...
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तपन शर्मा Tapan Sharma
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[27 Jun 2008 15:36 PM]



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