मन

JHAROKHA मन भीगा भीगा क्यों है तन भीगा भीगा क्यों है लगता है जैसे आने वाला हरियाली सावन है । मंदिर यूं सजने लगे घंटे यूं बजने लगे लगता है जैसे शिव शंकर का हो रहा अर्चन है । बिजली यूं चमकने लगी बादल यूं गरजने लगे लगता है जैसे सागर का हो रहा मंथन है । कोयलों का... [पूरी पोस्ट]
writer JHAROKHA
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[11 Jul 2009 13:45 PM]

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