निशा प्रिया – २

Grey Rainbow / स्याह इंद्रधनुष तुमसे दूर यहाँ भी साँझ ढलती है, रात के किनारे पर अब टहलती है । उसके आँचल में बँधा तुमसे दूरी का अहसास, बढ़ता जाता है, छोड़ती वह गहरे प्रश्वास । रात्रि में मिल जाने को तत्पर शाम, खुद पर ओढ़ती हुई धीरे से रंग श्याम, मेरे चारों ओर रात्रि का करती आलिंगन, उ... [पूरी पोस्ट]
writer Grey Rainbow - स्याह इंद्रधनुष
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[06 Sep 2008 11:18 AM]

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