हाट – The Sunday Market

Grey Rainbow / स्याह इंद्रधनुष सुबह से ले के शाम तक, जूतों से ले के गेहूं- दाल तक, सब खरीदते-बेचते हैं ठाठ में भीड़ भरी इतवार की हाट में । वहां चने भी हैं और खिलौने लकड़ी के, मई मे जहां लगते हैं ठेले ककडी़ के, सिक रहीं हैं मूंगफलीयां चटर-चटर बिक रहे किलो के भाव से मटर। लाल पीली बंधी... [पूरी पोस्ट]
writer Grey Rainbow - स्याह इंद्रधनुष
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[28 Aug 2009 01:06 AM]

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