दिमाग़ (Brain) और ज़ेहन (Mind)
अक्सर ये दोनो लफ्ज़ पर्यायवाची की तरह इस्तेमाल होते हैं लेकिन सच्चाई यह है के इन दोनो शब्दों का अर्थ जुदा है। दिमाग़ हमारा मस्तिस्क यानी वह गूदा है जो हमे खोपडी में भरा है जबके ज़ेहन अमूर्त है, हमारा मानस। अगर कंप्यूटर का सादृश्य लें तो समझ लीजिये के...
[पूरी पोस्ट]
Kali Hawa
8
0
0
0
0
[07 Oct 2008 02:15 AM]



Shuffle







