सफ़ेद धुआं

If  tired, rest here इक अलसाई सर्दी की सुबह जमुना में कोई हलचल ही नही खिसकता था नभ में,पुल के ऊपर सूर्य में कोई चमक ही नही ज़मीं से कुछ ही ऊपर टंगा था घना सफ़ेद धुआं छिप गया था शहर का चेहरा घिनौना था जो इसके बिना मृत, नदी के किनारे पड़ा लावारिस एक बच्चे का शेष धुंध का शुक्... [पूरी पोस्ट]
writer Kali Hawa
views
8
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[15 Oct 2008 09:23 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix