ख़तरे में इस्लाम नहीं
आजकल कुछ ब्लॉग पर मुस्लिम रचनाकारों पर साम्प्रदायिक होने के आरोप -प्रत्यारोप ज़ोर-शोर से पढनेको मिले. दोस्तों-दुश्मनों के गलयारे में भी गाहे-बगाहे समय-समय पर ऐसे इल्जामों का सामना मुस्लिम लेखक-कवि अक्सर करते रहे हैं। मुस्लिम लेखक-कवियों पर एक आरोप ये...
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शहरोज़
हबीब जालिब
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[23 Jul 2008 18:25 PM]



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