क्षणिकायें - मयखाना

आशुतॊष मासूम... हर शराबी का बस दो ही ठिकाना है, होश मे रहा तो मयखाना, नशे मे रहा तो,वो दीवाना है. 2 पंडित कहे,शराब पाप है, शराबी कहे, हम पापी है, मयकदे मे दोनो संग संग, कौन सचा कौन झूठा??? 3 जब तक तुम थे, मै आशिक, तुम चले गये, मै शराबी, कौन निभा गया मुझसे वफा??? 4 म... [पूरी पोस्ट]
writer आशुतॊष
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[10 Nov 2007 11:17 AM]

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