गजल

आशुतॊष मासूम... ना जाने क्यों लोग,जिन्दगी भर साथ निभाने की बात करते हैं, हमने तो तेरे संग चंद लम्हों मे जिन्दगी को जी लिया है. मै तो तेरी यादों को भुला खुद ब खुद संभल ही गया, तुमने नजरें मिलते ही, नजरों को क्यों झुका लिया है. आशियॉ बनाने मे सदियों लगे थे,उजडने मे लम... [पूरी पोस्ट]
writer आशुतॊष
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[05 Dec 2007 18:50 PM]

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