मानसून के पहले ..ये मनभावन मेवला गीत

मालवी जाजम......बोलोगा तो बचेगी मालवी मालवा पर प्रकृति की सदा मेहर रही है.कुदरत की सौजन्यता से ही मालवा 'पग पग रोटी,डग डग नीर' से सम्पन्न बना है.,मालवा के लोक-गायकों ने सदैव से अलमस्त प्रकृति से स्वार्थ की जगह जन-मन के शुभ-भावों को उजागर करने का आग्रह किया है.मालवा मे चौमासे को बड़ा आदर द... [पूरी पोस्ट]
writer मालवी जाजम
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[11 Jun 2007 14:17 PM]

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