रे मनवा रंग तन,रंग मन,होली आई रंग गुलाल !

मालवी जाजम......बोलोगा तो बचेगी मालवी रे मनवा रंग तन रंग मन होली लाई रंग गुलाल। प्रीत को काजल आँख में आँजो कारा कारा मन ने चॉंदी सा मॉंजो पाताला में गाढ़ी दो मलाल हेत को मंदर कितरो बड़ो है अंदर जीके सांवरो खड़ो है श्रम के आगे हार्यो काल भूख गरीबी को कीचड़ कारो कई नी है थारो ने कई नी है म्हार... [पूरी पोस्ट]
writer मालवी जाजम
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[11 Dec 2008 15:06 PM]

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