ढाई आखर मेरे प्रेम के सांवरे.....कब समझोगे तुम...

RHYTHM OF LIFE...listen it from heart. ढाई आखर मेरे प्रेम के सांवरे ....कब समझोगे तुम... समझ गयी ये दुनिया सगरी... पर कब समझोगे तुम.... तुम बिन मैं भयी जोगन... कुछ रूक के.. कुछ थम के... हर पल बरसे... मेरे नयन.... सब कहने लगे मुझे... दीवानी... पर जाने कब.... कुछ कहोगे तुम.... ढाई आखर मेरे... [पूरी पोस्ट]
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[15 Jul 2007 04:38 AM]

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